प्रयागराज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से फेसबुक सांस्कृतिक संध्या में बिहार के प्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति करके लोगों के मन को मोह लिया । कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने कहा कि किसी भी युग में भारतीय संस्कृति का संवर्धन और विस्तार तलवार के बल पर नहीं किया गया बल्कि समन्वय, सहयोग और सामूहिकता की भावना से भारतीय संस्कृति का संवर्धन होता रहा है । यही कारण है कि आक्रांताओं की तमाम कोशिशों के बावजूद अपनी संस्कृति न सिर्फ जीवित रही, बल्कि समय की धारा के साथ आगे बढ़ती रही और मजबूती प्राप्त करती रही । रोम, यूनान और मिस्र जैसी पुरानी सभ्यताओं और उसकी संस्कृति के ह्रास हो गया लेकिन भारतीय संस्कृति लोकमानस में समाहित होकर लोक आख्यान और लोकगीतों के माध्यम से जीवित रही और नए रूप में आकर निखार पाती रही ।

बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रयागराज के फेसबुक पेज पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों के विविध रंगों से भी श्रोताओं के मन को भिंगोया । उन्होंने चलली गंगोत्री से गंगा मैया जग के करे उद्धार, रिमझिम बरसा बहार भींगे मोरे अंगना, प्रतिपाला रखवाला तुम हो लाल लंगोटी वाला, मंगल के दाता भगवन बिगड़ी बनाई जी सहित अनेक पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति की । फेसबुक लाइव कार्यक्रम में उन्होंने स्वलिखित गीत सुन लो कोरोना, पास ना आना, तुम को हराएंगे जड़ से मिटाएंगे भारतवासी हम गीत भी पेश किया ।