नरेंद्र कुमार चौबे
लोनी । राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासंघ द्वारा ब्राह्मण रसोई के माध्यम से लगातार 38 वें दिन गरीब असहाय एवं प्रवासी मजदूरों के भोजन की व्यवस्था निरन्तर जारी है । जिसकी जानकारी देते हुए पंडित प्रवेश दत्त भारद्वाज ने बताया कि देश संकट की स्थिति से गुजर रहा हो वैसी परिस्थिति में दान की महत्ता काफी बढ़ जाती है ।जरूरतमंद को दान व मदद देने की प्रक्रिया अनादि काल से चली आ रही है । ईश्वर ने मानव का जीवन उपहार स्वरूप दान में दिया है । हवा ,पानी , प्रकाश प्रकृति ने सृष्टि के प्राणियों को प्रदान किए है । देश की स्थिति काफी चिंताजनक है । ऐसी परिस्थिति में जरूरतमंदों को काफी मदद की जरूरत है । हमने जरूरतमंदों के मदद के लिए ब्राम्हण रसोई के माध्यम से भोजन की व्यवस्था कर रहे है । आज पूरा विश्व इस समय विषाणु जनित महामारी से आक्रांत हो ठहर गया है लोग विषाणु से बचने के लिए घरों में बंद है ।
मन में अपार हर्ष उत्पन्न होता है कि अलग अलग राज्यों फैली संस्था के कार्यकर्ता गरीब मजदूरों के मदद में दिन रात जूट हुए है । कोरोना से जंग लड़ रहे योद्धा भी तेजी से इस भयानक संक्रमण का शिकार हो रहे हैं जो काफी चिंता का विषय है । ऐसी स्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए जुटी सरकार को उनके प्रति और गंभीर बनना चाहिए ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके । इस भयानक महामारी के चपेट में पूरा विश्व है । मजदुरों की आर्थिक स्थिति को धरातल पर उतारना सरकार के लिए प्राथमिकता होगी । लॉक डाउन के चलते पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने पेट्रोल डीजल पर लगने वाला वैल्यू ऐडेड टैक्स बढ़ा दिया है । वैश्विक महामारी से जारी लड़ाई के बीच संक्रमितो का आंकड़ा लगभग 50000 के पार पहुंच गया है । निरन्तर बढ़ता जा रहा है । सरकार को ज्यादा से ज्यादा संक्रमितो की पहचान कर उनके पास पहुंच बनाने की आवश्यकता है । सबसे ज्यादा चिंतित करने वाली बात यह है कि संक्रमण का प्रसार सेना में भी हो रहा है । भारतीय संस्कृति त्याग की संस्कृति है । ऐसी मूल्यपरक संस्कृति जिसमें युगो युगो तक जीवित रहने मानव जन्म को सार्थक बनाए रखने चिर पुरातन और नित नवीन होने का सामर्थ्य है । इकबाल की पंक्तियां हस्ती मिटती नहीं हमारी /सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा भारतीय संस्कृति के संदर्भ में सार्थक लगती है ।
इस समय कोरोना महामारी के संकट के समय कुछ लोगों के समक्ष परिवार और राष्ट्र में से एक को चुनने की स्थिति भी आ खड़ी है । ऐसे में भारतीय शिक्षा का मूल मंत्र सर्वजन हिताय हमारे सामने मार्गदर्शक के रूप में खड़ा होता है मनुष्य के जीवन में विनम्रता राष्ट्रवाद की भावना सद्भाव की प्रवृत्ति का भाव होना परम आवश्यक है । पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने 1929 में विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा था आपको इस बात के लिए कृतज्ञ और गौरवान्वित होना चाहिए कि परमेश्वर ने आपको इस सुंदर देश में पैदा किया है । आपने इसी माता की गोद में जन्म लिया । इसने आपको भोजन वस्त्र दिया तथा पालन पोषण किया है । अतः यह भूमि आपके लिए सबसे बढ़कर प्रिय और आदरणीय होनी चाहिए । इसलिए जब कभी देश आपसे किसी प्रकार की सहायता मांगे आपको अपने कर्तव्य की पूर्ति के लिए सदैव समर्पित रहना चाहिए । सेवा में दिन रात मदद के लिए सतीश शर्मा राष्ट्रीय संगठन मंत्री, मुकेश शर्मा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ,संजीव शर्मा राष्ट्रीय सचिव ,ललित शर्मा विधायक प्रतिनिधि ,राकेश शर्मा मीडिया प्रभारी ,गौरी शंकर पांडे प्रदेश महामंत्री, तनु शर्मा युवा जिला अध्यक्ष गाजियाबाद, शुभम शर्मा युवा जिला अध्यक्ष सीलमपुर, लोकेंद्र शर्मा, अनिल शर्मा, हिमांशु शर्मा, सागर शर्मा , जितेंद्र कुमार इत्यादि है ।