विशेष संवाददाता

गाजीपुर। पौराणिक पात्र रक्तबीज की तरह एक से दो, दो से दस और दस से सौ की गति से व्यापक और विकराल रूप धारण करते जा रहे वैश्विक महामारी कोरोना को परास्त करने के लिए पूरा देश संघर्ष कर रहा है। हर कोई अपने हिस्से की लड़ाई लड़ रहा है। एक तरफ आम आदमी घर के अंदर रह कर लॉकडाउन के नियमों का पालन कर संक्रमण रोकने में सहयोग कर रहा है, तो दूसरी तरफ कई हाथ मदद के लिए आगे आए हैं। यूपी के गाजीपुर जिले के परसा के युवाओं ने इसी तरह के मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए निश्चय किया है कि गांव का कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोयेगा।

दरअसल, लॉकडाउन की वजह से गांव के भी कई परिवारों की रोजी रोटी का जरिया छिन गया है ऐसे में उनके सामने भुखमरी की नौबत आ गई। इससे व्यथित गांव के युवा बंटी राय, मनीष राय (चुन्नू), राहुल राय, अमित राय (शिब्बू), धीरज राय व मनीष राय आदि ने निश्चय किया कि वे किसी को भी भूखा नहीं सोने देंगे। बस क्या था 13 अप्रैल से शुरू हो गई गांव के बीचोंबीच अन्नपूर्णा रसोई। गांव में अब हर रोज पूरी सब्जी के 500 पैकेट जरूरतमंद लोगों में वितरित किया जा रहा है। इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का भरपूर ख्याल रखा जा रहा है। भोजन के लिए किसी तरह की धक्कामुक्की न हो इसके लिए युवाओं की टीम घर घर पहुंचकर गरीबों को ये पैकेट उपलब्ध करा रही है।

आपसी सहयोग से शुरू की गई युवाओं की यह रसोई क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। गरीबों की भूख से लड़ रहे गांव के ये कोरोना वॉरियर्स अपनी इस पहल से जनसेवा का एक नया मानदंड स्थापित कर रहे हैं। परसा के इन युवाओं की यह पहल आसपास के गांवो को भी ऐसा करने को प्रेरित कर रही है। इन युवाओं ने निश्चय किया है कि गरीबों को खाना खिलाने का यह क्रम तब तक चलेगा जब तक कोरोना से लड़ने के लिए देश में लॉकडाउन जारी रहेगा।