66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट राजस्थानी फिल्म ‘टर्टल’ को पूरे देशभर में दिखाया जाना चाहिए। संजय मिश्रा ने कहा कि अगर यह लोगों को जागरूक करने के लिए नहीं दिखाई गई तो पुरस्कार वेस्ट हो जाएगा। ‘टर्टल’ फिल्म ने 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट राजस्थानी फिल्म का खिताब अपने नाम किया है। फिल्म ‘टर्टल’ दिनेश एस यादव द्वारा निर्देशित और अशोक एच चौधरी द्वारा निर्मित एक भारतीय हिंदी भाषा की फिल्म है।

टिकट की किमत एक रुपए हो राजस्थान के गांवों में जारी पानी की समस्या पर आधारित है फिल्म ‘टर्टल’। उन्होंने कहा कि सरकार इस फिल्म की स्क्रीनिंग देशभर में करे और बच्चों को यह फिल्म दिखाई जाए। इतना ही नहीं उन्होंने सलाह दी कि छात्रों से इस फिल्म के टिकट की किमत केवल एक रुपए लिया जाए, इससे फिल्म के निर्माताओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

सत्य घटना पर आधारित है फिल्म ‘टर्टल’ बताया जा रहा है कि यह फिल्म राजस्थान के गांव देहलोद निवासी रामकरण चौधरी के जीवन पर आधारित है। फिल्म में मुख्य किरदार संजय मिश्रा ने निभाया था। फिल्म ‘टर्टल’ 66वें फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट राजस्थानी फिल्म चुनी गई थी।

संजय मिश्रा ने अपनी पहली फिल्म ओ डार्लिंग ये है इंडिया में एक हारमोनियम बजाने वाले का रोल किया था। बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरुवात 1995 में फिल्म “ओह डार्लिंग ये है इंडिया” से की थी,। गोलमाल, धमाल, ऑल द बेस्ट, वन टू थ्री, फंस गए रे ओबामा में यादगार किरदार निभाने के बाद आंखों देखी, मसान, कड़वी हवा जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चूके है।