नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन को रविवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस खास मौके पर उनके साथ पत्नी जया बच्चन और बेटे अभिषेक बच्चन साथ नजर आए। इस खास मौके पर उन्होंने कहा- ”मैं भारत सरकार और सूचना प्रसारण मंत्रालय और ज्यूरी के सदस्यों को अपनी तरफ से आभार प्रकट करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इस योग्य समझा। ईश्वर की कृपा रही है। माता-पिता का आशीर्वाद रहा है। सबसे ज्यादा भारत की जनता का स्नेह रहा है जिसकी वजह से मैं आपके सामने खड़ा हूं।

जब इस पुरस्कार की घोषणा हुई तो मेरे मन में ये सवाल उठा कि क्या ये मेरे लिए संकेत है कि बस अब हो गया, या मुझे अभी और काम करना है। अभी भी थोड़ा काम बाकी है, जिसे मुझे पूरा करना है और आगे भी कुछ ऐसी संभावनाएं  बन रही हैं जहां मुझे काम करने का अवसर मिलेगा, यदि इसकी पुष्टि हो जाए तो बड़ी कृपा होगी।”23 दिसंबर को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन के समय अमिताभ बच्चन उपस्थित नहीं हो पाए थे। बीमार होने की वजह से अमिताभ बच्चन को डॉक्टर द्वारा सफर ना करने की हिदायत दी गई थी। अमिताभ बच्चन ने 22 दिसंबर की शाम को एक ट्वीट के माध्यम से खुद यह जानकारी शेयर की थी।

अमिताभ बच्चन बॉलीवुड में ‘मेगा स्टार’ और ‘बिग बी’ के नाम से भी मशहूर हैं। गौरतलब है कि उनकी पहली फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ थी, जो 1969 में रिलीज हुई थी। 1973 में प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जंजीर’ से अमिताभ बच्चन ने बॉक्स ऑफि़स पर कामयाबी की जो सीढ़ियां चढ़ना शुरू कीं तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। करीब दो दशक तक वे हिंदी फिल्मों के सबसे सफल नायक बने रहे। एक दौर ऐसा भी आया जब अमिताभ का फिल्मी करियर डावांडोल होने लगा था।इसके बाद अमिताभ ने फिर से नए सिरे से काम शुरू किया और नए निर्देशकों के साथ नए प्रयोग किए।

उन्होंने ‘ब्लैक’ और ‘पा’ जैसे प्रयोगधर्मी फिल्में कीं। उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति के जरिये टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा और यहां भी इतिहास रच दिया। केबीसी को होस्ट करते हुए उन्हें लगभग दो दशक पूरे होने वाले हैं।अमिताभ को बॉलीवुड में 50 साल हो चुके हैं और इस दौरान उन्हें चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 15 फिल्मफेयर सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। 2015 में उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड सिनेमा के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा पुरस्कार है।