नई दिल्ली : भारत की स्पेस में बढ़ते हुए ताकत की शौर्य गाथ को हर भारतीय तक पहुंचने का कार्य फिल्म मिशन मंगल करेगी। मिशन मंगल के तौर पर बड़े दिनों बाद एक फिल्म आई है। यह इसरो वैज्ञानिकों की मिशन मंगल योजना पर बेस्ड है। जैसे इसरो वैज्ञानिकों ने 24 सितंबर 2014 को अपने पहले ही प्रयास में सैटेलाइट को मंगल के ऑरबिट में लॉन्‍च करके फतह हासिल की थी, उसी तरह इस फिल्म ने भी बॉलीवुड की स्पेस जॉनर की पहली ही कोशिश में सधी हुई कहानी दी है। फिल्म साइंस, सपना और संघर्ष की मिसाल देने वाली कहानियों के इर्द-गिर्द घूमती है।

400 करोड़ के प्रोजेक्ट को 32 करोड़ में खूबसूरती से समेटा गया है, यहां गौर करने वाली बात यह है कि हॉलीवुड में स्‍पेस जॉनर की फिल्‍मों का बजट 500 करोड़ से ज्यादा का होता है। मिशन मंगल 32करोड़ में बन गई है। जैसे 400 करोड़ के बजट में इसरो वैज्ञानिकों ने मंगल पर इंडिया का झंडा बुलंद किया था, ठीक वैसे ही 32 करोड़ में डायरेक्‍टर जगन शक्ति, क्रिएटिव प्रोड्युसर आर बाल्‍की, प्रोड्युसर अक्षय कुमार और बाकी कलाकारों की टीम ने इंडिया की ओर से इस जॉनर की पहली और साथ ही बेहतरीन फिल्‍म दी है।

अदाकारी के मोर्चे पर भी फिल्‍म ने फतह हासिल किया है। ऐसा कम होता है,जब कोई ऑनसॉम्‍बल कास्‍ट वाली फिल्‍म में सभी कलाकारों ने उम्‍दा काम किया हो। राकेश धवन के रोल में तो अक्षय ने करियर बेस्‍ट दिया है। तारा शिंदा को विद्या बालन ने पूरे ग्रेस के साथ निभाया है। वर्षा बनीं नित्‍या की स्‍क्रीन प्रेजेंस दमदार है। परमेश्‍वर नायडू के किरदार को शरमन जोशी ने अपने अनुभव से अलग छटा प्रदान की है। नेहा सिद्दीकी बनीं कीर्ति कुल्‍हारी और कृतिका अग्रवाल की भूमिका में तापसी पन्‍नू प्रभावी लगी हैं। अनंत अय्यर बने एचजी दत्‍तात्रेय फिल्‍म की खोज हैं। गीत संगीत के लिहाज से भी अमित त्रि‍वेदी,अमिताभ भट्टाचार्य ने सुकून देने और रोमांच के भाव जगाने वाले गाने दिए हैं।