नई दिल्ली। दीवाली पर सच्चे मन से और शुभ मुहूर्त में पूजा करने पर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है, जिससे धन से संबंधित सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है। इस बार दिवाली पूजा के लिए तीन मुहूर्त हैं, इनमें से किसी भी समय पर आप मां लक्ष्मी और भगवान गणेज की अराधना कर शुभ फल की प्राप्ति कर सकते हैं। धर्म शास्त्रों में दिपावली में लक्ष्मी गणेश पूजन में प्रदोष काल का भी खासा महत्व होता है। दिन-रात के संयोग को ही प्रदोष काल कहते है।

 दिवाली के शुभ मुहूर्त

प्रदोष काल मुहूर्त

मां लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05.43 से 08.16 तक

वृषभ काल: शाम 7.11 से 9.06 तक

 चौघड़िया पूजा मुहूर्त

सुबह: 6.28 से 7.53

शाम: 4.19 से 8.55

महानिशिता काल मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा का अवधि- 51 मिनट

महानिशिता काल- 11.40 से 12.31

इस बार अमावस्या तिथि 18 अक्टूबर को रात्रि 12.10 बजे शुरू हो गई हो जो 19 अक्टूबर को रात 12.32 बजे तक रहेगी। यानि दिवाली की शुरुआत 18 अक्टूबर को रात 12.10 पर हो जाएगी. दीपावली पूजन में अमावस्या तिथि, प्रदोष निशीथ और महानिशीथ काल का विशेष महत्व होता है। जो लोग प्रदोष काल में पूजन नहीं कर सकते, वह निशीथ एवं महानिशीथ काल में पूजा कर सकते हैं।